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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को गति प्रदान करते हुए जनपद में उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं अधिक से अधिक रोजगार सृजित किये जाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के

 

 

उपयुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र श्री गुरुदेव ने बताया है कि एम०एस०एम०ई० अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-49/2024/1650/477/18-2-2024 दिनांक 04-10-2024 द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को गति प्रदान करते हुए जनपद में उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं अधिक से अधिक रोजगार सृजित किये जाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उददेश्य से प्रतियर्ष 01 लाख नई सूक्ष्म, लघु मध्यम इकाईयों को स्थापित किये जाने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में आगामी 10 वर्षा की समयावधि में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाईयां स्थापित किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान” का प्रारम्भ किया जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

 

योजना का उददेश्य एवं शर्ते निम्नवत् हैं:-

 

1.आवेदक जनपद का निवासी होना चाहिए एवं आवेदक की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष होनी चाहिए।

2.आवेदक की शैक्षिक योग्यता न्यूनतम कक्षा आठ होनी चाहिए। इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण अथवा समकक्ष को वरीयता दी जायेगी।

3.आवेदक सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण योजनाओं जैसे-विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश स्किल डवलपमेन्ट मिशन द्वारा संचालित कौशल उन्नयन आदि में प्रशिक्षित हो अथवा किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय/शैक्षणिक संस्थान से कौशल सम्बन्धी सर्टिफिकेट कोर्स / डिप्लोमा/डिग्री प्राप्त/अन्य तकनीकी शिक्षा को वरीयता दी जायेगी।

4.पूर्व में पी०एम० स्वनिधि योजना के अतिरिक्त राज्य अथवा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य योजना में ब्याज अथवा पूंजी उत्पादन का लाभ प्राप्त न किया हो / आकांक्षात्मक विकास खण्ड के अभ्यार्थियों को वरीयता प्रदान की जायेगी।

5.मिशन योजनान्तर्गत ऐसी परियोजनाएं ऋण अनुदान हेतु अनुमन्य नहीं होगी, जो निगेटिव लिस्ट तम्बाकू, गुटखा, पान एवं पटाखों का निमार्ण इत्यादि के अन्तर्गत आती हो।

 

योजनान्तर्गत वित्त पोषण

1.उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रू० 5.00 लाख तक की परियोजनाओं के ऋण पर परियोजना लागत का शत-प्रतिशित व्याज उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले 04 वर्षों के लिए दिया जायेगा। कुल परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्मलोन के रूप में होना अनिवार्य होगा। परियोजना में भूमि-भवन का क्रय सम्मिलित नहीं होगा। बुन्देलखण्ड के सभी वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा।

2.लाभार्थी को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू0 5.00 लाख जो कम हो, का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दिया जायेगा। यह अनुदान बैंक इण्डेड होगा।

3.द्वितीय चरण (विस्तारीकरण) की परियोजना लागत अधिकतम रू0 10.00 लाख हो सकेगी तथा प्रथम स्टेज़ में लिये गये ऋण को अधिकतम दोगुना अथवा रू0 7.50 लाख, जो भी कम हो, की ऋण धनराशि पर 50 प्रतिशत ब्याज उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले 03 वर्षों के लिए दिया जायेगा। द्वितीय चरण की परियोजना में कोई मार्जिन मनी सब्सिडी देय नहीं होगी। योजना से सम्बन्धित जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, पुलिस लाइन के सामने, वाँदा से पर संपर्क किया जा सकता है।

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